नज़र जब मिली तुझसे पहली बार,
एक पल में ही तेरे दीवाने हो बैठे है
जब से आई है वोह मेरी ख्यालों में, अंदाज़ ही मेरे कुछ शैराना से हो गए है
जहा जाते है सब लोग ... वहा जाने का मन मेरा करता नहीं ...
तेरे प्यार
में इतना खो जाता हु की ... में .. अपने आपका भी रहता नहीं ...
में तुझ से दूर ही रहता हूँ क्यों की तेरे पास आने का होंसला काभी आता नही
लेकिन तू कितनी भी दूर रहे मुझ से.. मेरे दिल के करीब तेरे सिवाह और कोई रहता नहीं
सोचा था एक दिन बैठ के तुझ से दिल के अन्दर की बात कह डालूँगा
आधा साल बीत गया फिर भी तुझे कभी hi-hello तक कहा नहीं :'-(
रात के अँधेरे में आखों में तेरी तस्वीर के बादल जमा कर लेता हूँ
तू नहीं तो तेरी यादें से ही अपने दिल को समझा देता हु
कहने को है बोहोत सी बातें तुझ से, लेकिन सुन ने वाला शायद कोई नहि,
तनहा होंके लिखते जा रहा हूँ, पता नहीं शायद इसे पढनेवाला भी कोई नाहि.....
To be continued... not sure when...
Dard hai par dard ka ehsaas nahi hai
ReplyDeleteTu Pass hokar bhi mere Pass nahi Hai
Chahta hoon jise dilo jan se main
Usake dil mein mere liye pyar nahi hai
Shikayat kar nahi sakta tujhse koi
Kyunki takdir ne likha hai tera haath nahi hai
Main ,ro sakta hoon teri yaado ke sayee mein
Kyunki takdir se ladke ka koi hathiyar nahi hai
Jinda hoon ke use meri jarurat hai
Varna jine ki ab koi aas nahi hai
Tere liye fit hai rupesh. tere gam mein ham bhi shamil hai :)
ReplyDeleteकहते है सच्चे दोस्त ही गम बटने चले आते है ... आप का आभारी हूँ
ReplyDelete