An attempt to put my random thoughts on the piece of page...

Monday, April 2, 2012

Gumshuda maan




नज़र जब मिली तुझसे  पहली बार, एक पल में ही तेरे दीवाने हो बैठे है
जब से आई है वोह मेरी ख्यालों में, अंदाज़ ही मेरे कुछ शैराना से हो गए है

जहा जाते है सब लोग ... वहा जाने का मन  मेरा करता नहीं  ...
तेरे प्यार में  इतना खो जाता हु की ... में .. अपने आपका भी रहता नहीं  ...

में तुझ से दूर ही रहता हूँ क्यों की तेरे पास आने का होंसला काभी आता नही
लेकिन तू कितनी भी दूर रहे मुझ से.. मेरे दिल के करीब तेरे सिवाह और कोई रहता नहीं 

सोचा था एक दिन बैठ के तुझ से दिल के अन्दर की बात कह डालूँगा
आधा साल बीत गया फिर भी तुझे कभी hi-hello तक कहा  नहीं  :'-(

रात के अँधेरे में आखों में तेरी तस्वीर के बादल जमा कर लेता हूँ
तू नहीं तो तेरी यादें से ही अपने दिल को समझा देता हु  

कहने को है बोहोत सी बातें तुझ से, लेकिन सुन ने वाला शायद कोई नहि,
तनहा  होंके लिखते जा रहा हूँ, पता नहीं शायद इसे पढनेवाला भी कोई नाहि.....

To be continued... not sure when...

- Rbk

3 comments:

  1. Dard hai par dard ka ehsaas nahi hai
    Tu Pass hokar bhi mere Pass nahi Hai
    Chahta hoon jise dilo jan se main
    Usake dil mein mere liye pyar nahi hai
    Shikayat kar nahi sakta tujhse koi
    Kyunki takdir ne likha hai tera haath nahi hai
    Main ,ro sakta hoon teri yaado ke sayee mein
    Kyunki takdir se ladke ka koi hathiyar nahi hai
    Jinda hoon ke use meri jarurat hai
    Varna jine ki ab koi aas nahi hai

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  2. Tere liye fit hai rupesh. tere gam mein ham bhi shamil hai :)

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  3. कहते है सच्चे दोस्त ही गम बटने चले आते है ... आप का आभारी हूँ

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